Avatar फिल्म को लेकर कश्मकश थे काका ,जाने कैसे हाथ लगी फिल्म

Rajesh Khanna in dilemma about Avatar : बॉलीवुड में दर्शकों की अभिरुचि के मुताबिक तमाम विषयों पर फिल्में अक्सर बनती रहती है। फिर चाहे वो एक्शन, रोमांस या पारिवारिक फिल्में हो या डरावनी कहानियां लेकिन कुछ ऐसी फिल्में भी फिल्म मेकर्स ने दर्शकों को पेश की जिसने दर्शकों की सोच को ही बदल कर रख दिया।

Rajesh Khanna in dilemma about Avatar : इसी कड़ी में एक फिल्म 1983 में रिलीज की गई थी। जोकि ड्रामा फ़िल्म थी। इस फिल्म ने दर्शकों को वास्तविकता का चेहरा दिखाने का काम किया था।मोहन कुमार के डायरेक्शन में तैयार इस फिल्म में बॉक्स ऑफिस पर बंपर कामयाबी पाई।

इसके बाद इस तरह की तमाम फिल्में बनी। इन फिल्मों ने दर्शकों को मां-बाप के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया था।वही इन्हीं फिल्मों के जरिए फिल्मों में काम करने वाले सितारों की किस्मत चमक गई थी।जिनमे राजेश खन्ना भी शामिल है। माना जाता है कि इस फिल्म से अभिनेता का स्टारडम वापस आया था।

आपको बता दे कि पारिवारिक फिल्में का सब्जेक्ट कभी भी पुराना नहीं हुआ।चाहे वो 70 के दशक की फिल्में हो या 90 के दशक की फिल्म ही क्यों ना हो।बड़े पर्दे पर अक्सर पारिवारिक फिल्म रिलीज होती रहती है। और ये दर्शकों का खासा मनोरंजन करती है।

70 से 80 के दौर में हर फिल्म मेकर एक्शन फिल्मों को बनाने में तवज्जो दे रहा था। ज्यादातर फिल्में उस दौरान एक्शन बेस रिलीज होती थी। वही 80 के दौर में खासा बदलाव आया। इस दौर में एक्शन फिल्मों की तरफ से लोगों का ध्यान हटाकर बल्कि कुछ अलग सोचने पर फिल्म मेकर्स में दर्शकों को मजबूर कर दिया।

हिंदी फिल्मों का शौक रखने वालों को पता होगा कि 1983 में एक फिल्म ‘ अवतार ‘ रिलीज की गई थी,। इस फिल्म की कहानी का जिक्र करें तो इसमें बुरे दौर में रिश्तों के बदलते रूप को बड़े पर्दे पर बखूबी रूप से दिखाया गया था।

क्योंकि समय के साथ लोगों की सोच बदली है लोगों के लिए बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया ही सबकुछ था। वही ऐसा नहीं है कि अवतार बॉलीवुड की वो पहली फिल्म थी ,इस तरह की और भी फिल्में तैयार की गई है।इससे पहले 1966 में रिलीज हुई फिल्म ‘ मेहरबान ‘ की कहानी इस फिल्म से काफी हद तक मिलती-जुलती है।

जानकार खासा दिलचस्प लगेगा कि हिंदी फिल्म ‘ अवतार’ की बेशुमार सफलता के बाद इस फिल्म का साउथ की हर भाषा में रीमेक बनाया गया था। इस फिल्म को राजेश खन्ना साइन करने की इच्छा में नहीं थे।

इसकी वजह भी बेहद खास थी। जिसका जिक्र करे तो उनका किरदार उनकी उम्र से काफी बड़ा था और एक उस दौरान राजेश खन्ना अपना स्टारडम खो रहे थे।ऐसे में निर्माता निर्देशक मोहन कुमार ने अपनी नई फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन को फाइनल कर लिया था लेकिन इसी बीच फिल्म में राजेश खन्ना की एंट्री हो गई।

उस दौरान हालात कुछ ऐसे बने कि फिल्म का प्रस्ताव लेकर निर्देशक साहब राजेश खन्ना के पास पहुंचे और राजेश खन्ना के हाथ ये फिल्म लग गई।हालांकि वो इस बात को समझ नहीं पा रहे थे कि इस दिक्कतों के दौर में वो फिल्म करें या ना करें।

अभिनेता अगर ना करते तो उनके हाथ से ये फिल्म चली जाती अगर हां करते तो उनको भरी जवानी में बूढ़ा किरदार बड़े पर्दे पर निभाना पड़ता। हालांकि उन्होंने हां कह दिया और इस फिल्म ने बड़े पर्दे पर मानो धमाल मचा दिया। फिल्म में अवतार कृष्ण की भूमिका अभिनेता ने निभाई थी। फिल्म इतनी की कहानी इतनी भावात्मक थी कि इसको देख फैंस अपने आंसू नहीं रोक पाए थे।

हिंदी की फिल्म को नौजवानों से अधिक उनके मां-बाप पसंद कर रहे थे। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने गदर मचा दिया। लोग राजेश खन्ना के अभिनय का लोहा मानने लगे थे।जो कह रहे थे कि अब तो राजेश खन्ना का दौर चला गया।उनके मुंह पर ताले पड़ गए। राजेश खन्ना के फिल्मी करियर के लिए ये फिल्म सबसे कामयाब साबित हुई थी।

Leave a Comment